Me & You - 43














इतनी सदियाँ इंतजार में गुजारीं..
इतनें फ़ासलें दरमियां थे..
या मेरी फ़किरी थी, के उनके इम्तेहान थे,
वजह एक ही..
जिन्दा हूँ के वो हैं कहीं..
वो उसूल हैं मेरे, हम उनके जज्बात थे..

Spent ages waiting for you..
So many distances I had to walk..
Was I wondered, or were you testing me..
Still you are the reason..
Am living for you..
You are principle of my life, am your own feelings..

No comments:

Post a Comment

Me & You - 75

काही गोष्टी आतवर उतरून सहजपणे तळ ढवळून काढतात.. त्रास देत नाहीत, आठवणी जरा वर तरंगत आणतात.. दुःखद आठवणी पण आवडतात मला.. मनात सलत नाही ते...