Me & You - 25

सांवली सी रात हो,
खामोशी का साथ हो,
बिन कहे, बिन सुने, बात हो तेरी मेरी..

नींद जब हो लापता,
उदासीया जरा हटा,
ख्वाबों की रजाई में 
रात हो तेरी मेरी..

झिलमील तारों सी आंखे तेरी,
घर घर पानी कि झीले भरी,
हरदम युंही तू हसता रहे,
हर पल दिल कि ख्वाईश यही..

खामोशी कि लोरीया
सून के रात सो गायी,
बिन कहे, बिन सुने, बात हो तेरी मेरी..

बर्फी के तुकडे सा चंदा देखो आधा है,
धीरे धीरे चखना जरा,
हसने रुलाने का आधा पौना वादा है,
गम से ना तकना जरा..

ये जो लम्हे जो लम्हो कि बहती नदी में,
हां भीग लू, हां भीग लू,
ये जो आंखे है आखों की गुमसुम जूबां को,
मैं सीख लू, हां सीख लू..

अनकही सी गुफ्तगू
अनसुनी सी जुस्तजू,
बिन कहे, बिन सुने, अपनी बात हो गयी..

It was so soothing to sing it for you at midnight...

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